Rakshabandhan 2021 | रक्षाबंधन मनाने का कारण और ऐतिहासिक महत्त्व

रक्षाबंधन पर निबंध, राखी का त्यौहार की पूरी जानकारी और राक्षबंधन किस दिन पड़ेगा

Rakshabandhan 2021 : रक्षाबंधन हमारे देश के एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो हमारे देश में हिन्दुओं के अलावा अन्य धर्मो के लोगे भी काफी हर्शोल्लास के साथ में मनाते है! आज हम जानेंगे की रक्षाबंधन का त्यौहार क्या है, इसका आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्त्व क्या है? रक्षाबंधन कब मनाया जाता है? रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है? रक्षाबंधन पर निबंध कैसे लिखे अदि के बारे में विस्तारपूर्वक जानेंगेl

Rakshabandhan Essay in Hindi | रक्षाबंधन पर निबंध

हमारी भारतीय संस्कृति सारी दुनिया में अपने आप में अनोखी है, यहाँ पर्व और त्यौहार के माध्यम से लोग अपने जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले व्यक्तियों, महापुरुषों, अपने आराध्य देवी देवताओं के प्रती अपनी कृतघ्नता और अपनी ख़ुशी जाहिर करते है!

वैसे तो  India  Festivals के लिए जानी जाती है। और हम अपनी थोड़ी सी भी खुशी को त्यौहार के रूप में मनाते है! लेकिन हमरे देश में हिन्दू धर्म में होली, दीपावली और रक्षाबंधन  सबसे महत्त्वपूर्ण त्यौहार है। लेकिन इन त्योहारों के अलावा जितने भी अन्य पर्व मनाये जाते है, उनका भी अपना अलग महत्व है!

रक्षाबंधन क्या है

रक्षाबंधन भारतीय उपमहाद्वीप में मनाया जाने भाई और बहन के पवित्र रिश्ते के और उनके प्रेम को दर्शाने वाला एक हिन्दू त्यौहार है! इस त्यौहार में बहन भाई के हाँथ में रक्षा सूत्र [राखी] बांधती है, तथा परमपिता परमेश्वर से उसके सलामती और लम्बी उम्र की दुआ मांगती है। तथा भाई इसके बदले में जीवन भर उसको किसी भी कठिन परिस्थिति और कठिनाइयों से रक्षा का वचन देता है!

समय के अनुसार इसमें बदलाव आते रहे, लेकिन कोई भी समय रहा हो इसके महत्त्व को कभी कम नहीं किया जा सका है। और आधुनिक युग में जब सारी दुनिया एक दूसरे से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जुडी हुई है, तो इसका महत्त्व दुनिया भर के देशों में बढ़ गया है! अन्य धर्मों से जुड़े लोग भी इसे मानते है और रक्षाबंधन की बधाई देते है!

रक्षा बंधन का महत्त्व

Rakshabandhan का हिन्दू धर्म में बहुत महत्त्व है, राखी के त्यौहार का इंतजार बहन काफी शिद्दत से करती है! रक्षाबंधन प्रत्येक वर्ष हिन्दू माह में श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बंधती है, उसे मीठा खिलाती है। और भाई बहनों को उस दिन Rakshabandhan Gift देते है, और उनकी रक्षा का संकल्प लेते है।

2021 में रक्षाबंधन कब है

2021 Rakshabandhan, ‘22 अगस्त दिन रविवार’ [22 August 2021 Sunday] को पड़ेगा! श्रवण मास की पूर्णिमा के दिन इस प्रमुख त्यौहार को मनाया जाता है! 2021 का रक्षा बंधन इस लिए भी अधिक महत्त्वपूर्ण है। कि भारत समेत पूरा विश्व इस समय कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है। इसलिए सभी भाई और बहन इसको ध्यान में रखते हुए ही त्योहारों को मनाये और सरकार के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करे!

बहनों के लिए श्रावण का महीना बहुत महत्वपूर्ण होता है। रक्षाबंधन के दिन वैसे तो बहन और भाई के प्यार लिए जाना जाता है, और बहन ही भाई को राखी बांधती है। परन्तु इसके अतिरिक्त इस इस दिन गुरु, ब्राम्हण के द्वारा यजमान को राखी बांधने की परम्परा निभाई जाती है!

परिवार में बहन के अलावा छोटी लडकियों के द्वारा भी राखी बंधाई जाती है। वह अपने पिता, दादा, दादी आदि अन्य संबंधियों को भी रक्षा सूत्र बांधती हैl

History of Rakshabandhan | रक्षाबंधन का इतिहास

हमारे देश में राखी बांधने की परम्परा बहुत पुरानी है, और इतिहास ऐसी कहानियों से भरा पड़ा है! जब भी कोई विपत्ति राज्य पर आती थी, और युद्ध की घोषणा होती थी। तब राजपुताना औरते युद्ध में जाने वाले लोगो के माथे पर तिलक लगाकर हाँथ में एक धागा बांधती थी! और आशा करती थी की युद्ध में वह रक्षासूत्र उनकी रक्षा करेगा।

इसका दूसरा पहलू यह भी था कि कलाई पर बंधा हुआ धागा उन्हें युद्ध में यह याद दिलाता रहता था। कि राज्य की माँ, बहनों के रक्षा की जिम्मदारी उनके कंधो पर है, जो उन्हें अपने पथ से विचलित नहीं होने देती थी! उनमे नयी ऊर्जा का संचार भारती रहती थी!

रक्षाबंधन की कहानी

इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणा दायक कहानी रानी कर्णावती और बादशाह हुमायूँ की मिलती है। इस प्रसंग में मेवाड़ पर जब बहादुरशाह जफ़र ने आक्रमण करने की सोंची और इसकी सूचना जब रानी को प्राप्त होती है। लेकिन बहादुरशाह के मुकाबले रानी काफी कमजोर थी तो उसे अपने राज्य की सुरक्षा की चिंता सताने लगी।

उस समय बादशाह हुमायूँ  दिल्ली के सिंघासन पर बैठा था, रानी को जब बचने का कोई तरीका नहीं दिखाई दिया तो उसने हुमायूँ को एक पत्र लिखा और उसके साथ एक राखी को भेजा!

रानी जानती थी कि हुमायूँ एक मुस्लिम था। परन्तु उसने उसे अपना भाई बनाकर उससे रक्षा की गुहार की!

हुमायूँ ने रानी को निराश नहीं किया और राखी की लाज रखने के लिए बादशाह हुमायूँ अपनी सेना के साथ स्वयं मेवाड़ की रक्षा के लिए पहुच गया और बहादुरशाह जफ़र को युद्ध मे हराकर भगा दिया!

Historical Story of Rakshabandhan

Alexander The Great के बारे में शायद ही कोई न जानता हो लेकिन शायद ही अपने सुना हो कि सिकंदर की कहानी भी रक्षाबंधन से जुडी है! 326 ईसा पूर्व जब सिकंदर दुनिया जीतने के लिए निकला था! उस समय सिकंदर की उम्र 30 वर्ष रही होगी। वह भारत में प्रवेश करता है। उस समय  चिनाब और झेलम नदी के किनारे बसा पौरव राज्य जिसका राजा पुरु था ! पोरव या पुरु के राज्य को जीतने के उद्देश्य से सिकंदर उसके राज्य पर आक्रमण करने की योजना बनाता है!

हिन्दू राजा पुरु के मुकाबले सिकंदर की सेना काफी छोटी थी, राजा पुरु के पास 34000 पैदल सैनिक, 200 हाथी और रथ थे जबकि Alexander के पास हाथी और रथ नहीं थे लेकिन लगभग 8000 घोड़े थे जो पुरु के पास मात्र 2000 थे!

लेकिन सिकंदर के लड़ने के तरीके और हिन्दुस्तानियों के युद्ध कौशल में अंतर था जिस वजह से वह इतनी कम सेना के साथ दुनिया भर कई देशो पर विजय प्राप्त करता आ रहा था!

सिकंदर के साथ उसकी पत्नी रुखसाना भी साथ थी और वह जानती थी की सिकंदर युद्ध में  राजा पौरुष क्व हाथो मारा जा सकता है!

उसने हिन्दू धर्म में मनाये जाने वाले रक्षाबंधन के त्यौहार के बारे में सुना था और उसके बारे में काफी कूचा जानती थी! इसलिए उसने राजा पुरु को राखी भेजकर अपने सुहाग की रक्षा का संकल्प लिया था! इसलिए जीत प्राप्त होने के बावजूद राजा पौरुष ने सिकंदर को जीवन दान दे दिया था!

इस प्रकार इतिहास में कई Rakhi ke tyohar से जुड़े कई किस्से मिलते है जो यह दर्शाते है कि हमारा हिन्दू धर्म कितना उदार रहा है और इसके त्यौहार अपने आप में कितना महत्त्व रखते है!

 

रक्षा बंधन कैसे मनाया जाता है, रक्षा बंधन मनाने की विधि

सबसे पहले घर की लड़कियां और महिलाये स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा की थाली सजाती है उस थाली में रोली (हल्दी, चावल) आरती का दीपक, मिस्ठान और राखी को रखकर पूजा की जाती है! तदोपरांत भाई को किसी पाटे (आम की लकड़ी का) बिठाकर उसके माथे पर हल्दी चावल का टीका लगाया जाता हैl फिर कुछ चावल उसके सर पर छिडके जाते है और आरती की जाती है!

आरती करने के उपरांत उसके दाहिने हाँथ की कलाई में मंत्रोच्चार के साथ राखी बांधी जाती है  फिर भाई का मुख मीठा कराया जाता है!

इसके बदले में भाई बहन को कुछ उपहार भेट करता है! इसमें यह बात याद रखना जरूरी है कि जबतक राखी नहीं बंध जाती तब तक दोनों को उपवास रखना पड़ता है!

रक्षाबंधन मन्त्र

राखी बंधाते हुए एक मंत्रोच्चार किया जाता है जब आपके पुरोहित या ब्राम्हण राखी बांधते है तो एक मन्त्र का जाप करते है जो नीचे दिया गया है—

इस मन्त्र का जाप करते हुए राखी बांधना बहुत शुभ होता है—

ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।

तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।

रक्षाबंधन के गाने

रक्षा बंधन के त्यौहार पर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई फिल्मों का निर्माण किया गया और Rakshabandhan songs काफी Popular है जिनको हमेशा किसी न किसी मौके पर सुना जाता है!

Rakshabandhan DJ Songs

आज के समय में Fast Music सुनना लोगो का सौक बना जा रहा है कोई भी Occasion हो लोग DJ Songs को काफी पसंद करते है! रक्षाबंधन के डी जे सांग्स को भी लोग काफी पसंद करते है!

 

Disclaimer

तो दोस्तो Rakshabandhan 2021 पर हमारी यह पोस्ट पढ़कर आपको कैसा लगा हमें कमेन्ट करके जरूर बताये, और यह भी बताये कि आप रक्षाबंधन कैसे मानते है, क्योकि हमारे देश के अलग अलग प्रान्तों में त्यौहार को मनाने के ढंग में वहां के रीति रिवाज के अनुसार कुछ न कुछ बदलाव होता रहता है!

अगर आप अपने अनुभव और जानकारी को हमारे साथ शेयर करना चाहते है तो आपका स्वागत है Happy Rakshabandhan

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